राजस्थान के प्रमुख दुर्ग व किले - Rajasthan ke Durg in Hindi

    राजस्थान के प्रमुख किले व दुर्ग - Rajasthan ke Durg :  Rajasthan Fort gk in Hindi

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    Rajasthan ke prmukh kile durg| me kile durg | प्रमुख किले व दुर्ग |fort| in Hindi
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    राजस्थान में कुल 250 + है |

    मेवाड़ के 84 दुर्गो में से 32 का निर्माण महाराणा कुम्भा ने करवाया था | अतः उन्हें वास्तुक कला का जनक कहते हैं |
    किलो का शहर --- जोधपुर
    सबसे प्राचीनतम किला --- भटनार की किला (हनुमानगढ़) 
    दूसरा प्राचीनतम किला --- चितौड़गढ़ 
    सबसे हालिया किला --- मोहनगढ़ (जैसलमेर) 

    राजस्थान के दुर्ग की श्रेणियां


    • कौटिल्य ने अर्थशास्त्र में चार प्रकार के दुर्गो का उल्लेख किया है -
    1.    जल दुर्ग 
    2.    वन दुर्ग 
    3.    गिरी दुर्ग 
    4.    धानवन दुर्ग 
    • शुक्र नीति में नौ प्रकार के दुर्गो का उल्लेख किया गया है -
    1.  सेना : - यह राजस्थान का सर्वश्रित दुर्ग है | ऐसा दुर्ग जोमे स्थायी रूप से सेना निवास हो रहा है 
    2. गिरी: -  ऐसा दुर्ग जो पहाड़ी पर बना हो | राजस्थान में सर्वारानी दुर्गन श्रेणी के हैं | राजस्थान में दुर्गो का निर्माण पहाड़ी पर सुरक्षा की दृष्टि से किया गया | 
    3. जल या औदक दुर्ग: - ऐसा दुर्ग जो चारो और पानी हो | 
    4. पारिख दुर्ग: - ऐसा दुर्ग जिसका चारो और गहरी -गहरी खाईया हो | 
    5. पारिध दुर्ग: - ऐसा दुर्ग जिसका चारो और ऊँची -उँची दीवारों का परकोटा हो | 
    6. धानवन दुर्ग: - ऐसा दुर्ग जो मरु स्थल में बना हो | 
    7. वन दुर्ग: - ऐसा दुर्ग जो चारो और गहरे -गढ़ वन हो | 
    8. एरण दुर्ग: - गिरी दुर्ग + वन दुर्ग 
    9. स्थल दुर्ग: - जो समतल भूमि पर बना हो | 
    ध्यान दें 
    • कमर कोट दुर्ग: --- ऐसा दुर्ग जो दोहरा परकोटा हो
                            पूर्व सोनार दुर्ग (जैसलमेर)
    • कुमठ दुर्ग: --- ऐसा दुर्ग जोमे कुमठ नाम की झाड़ी पाई हो हो | पूर्व सिवाना दुर्ग (बाड़मेर) --- इस दुर्ग का निर्माण 10 वी शताब्दी में पंवार राजा वीर नारायण द्वारा करवाया गया था |
    • मचान दुर्ग: --- ऐसा दुर्ग जोमे शिकार के लिए मचान बनाये जाते थे | पूर्व रणथम्भोर दुर्ग (सवाई माधोपुर)
    • राजपुताना शैली के जिन्हे वर्ष 2013 में विश्व धरोहर में शामिल किया गया है | 
    Trick   चीकू  गाजर आम 
         (1)  चितोड़गढ़  (2) कुम्भलगढ़  (3) गागरोन (4) सोनारगढ़ (5) रणथम्भोर (6) आमेर  

    राजस्थान के प्रमुख प्राचीन दुर्ग व किले- Rajasthan ke Prmukh Kile Durg Fort in Hindi


    rajasthan ke prmukh kile durg part 1/राजस्थान के दुर्ग /राजस्थान के प्रमुख दुर्ग/Forts of Rajasthan/chittorgarh rajasthan/bhangarh rajasthan/kile

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    चित्तौड़गढ़ दुर्ग का इतिहास - Chittorgarh kila /Chittor  Fort History in Hindi

    चित्तौड़गढ़ दुर्ग का परिचय - Introduction to Chittorgarh kila /Chittor Fort - Chittorgarh durg ka parichey 

    7- 8 वी शताब्दी में चित्तौड़गढ़ का किला चित्रांगद मौर्य  बनवाया था का निर्माण चित्रांगद मौर्य के द्वारा करवाया गया जो मोरी वंश का शासक था|
    यह मैसा के पठार पर स्थित है |
    क्षेत्रफल की दृष्टि से यह राजस्थान का सबसे बड़ा किला है | इसका क्षेत्रफल 13 km है |
    यह सैन्य दुर्ग का सर्वश्रेष्ट उदारण है |
    चित्तौड़गढ़/Chittorgarh के बारे में कहा जाता है कि " गढ़ तो बस चितोड़गढ़ बाकी सब गठेय्या "
    Chittorgarh किले में राणा कुम्भा का महल , रानी पद्मिनी का महल , गोरा बादल का महल व बनवीर का महल स्थित   है |

    चित्तौड़गढ़ दुर्ग का इतिहास - Chittorgarh kila /Chittor Fort History in Hindi - Chittorgarh durg ka itihas

    चित्तौड़गढ़ दुर्ग को  राजस्थान का गौरव कहा जाता है। वर्तमान काली माता का मंदिर मूल रूप से प्राचीन कालीन सूर्य मंदिर है  इस दुर्ग का अधिकांश भाग का निर्माण महाराणा कुंभा द्वारा करवाया गया। चित्तौड़ में विजय स्तम्भ, कीर्ति स्तम्भ, मीरा मंदिर पद्मिनी महल, शस्त्रागार प्रमुख है।


    चित्तौड़ दुर्ग में कुल सात द्वार हैं, जिसमें सबसे अच्छा द्वार महाराणा प्रताप की स्मृति बनवाया गया। इस दुर्ग में अब में तक सर्वाधिक जौहर हुए हैं। 1303 में पहला जौहर हुआ। 1534 ई. में दूसरा जौहर हुआ, इस समय शासक विक्रमादित्य था, इसकी माँ कर्मावती थी। गुजरात के शासक बहादुर शाह ने इन पर आक्रमण किया था। 1568 ई. में तीसरा जौहर हुआ। जयमल व पत्ता लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए तथा रानियों ने जौहर किया। राजस्थान का यह प्रथम लीविंग फोर्ट है। अरावली पर्वतमाला पर यह दुर्ग बना हुआ है। खिलजी ने दुर्ग का नाम ख्रिजाबाद रखा था।


    गोरा-बादल, नवलखा बुर्ज, भीमलत कुंड इस दुर्ग में स्थित है।


    चित्तौड़गढ़ दुर्ग के बारे में अन्य महत्वपूर्ण तथ्य - Other important facts about Chittorgarh kila /Chittor fort - chittorgarh durg ke baare mein any mahatvapoorn tathy

      • इस किले में जौहर कुण्ड स्थित है | जहाँ रानी पदमिनी ने जौहर किया था |
      • यह राजस्थान का सबसे प्रसिध्द जौहर था यहां पर जौहर मेला लगता है |
      • यह राजस्थान का एक मात्र दुर्ग है जिसमे खेती कि जाती थी |
      • इस किले में एक जल संयंत्र अरहट स्थित है |
      • इस किले में पदमनी तलाब व चित्रांगद मौर्य तलाब स्थित है |
      • इस किले में विजय स्तम्भ ( कीर्ति स्तम्भ ) व कीर्ति जैन स्तम्भ स्थित है |
      • इस किले में कुम्भ श्यामजी का मंदिर , मीराबाई मंदिर , काली माता का मंदिर ,श्रृंगार चवरी का मंदिर , तुलजा भवानी का मंदिर , समिध्देश्वर महादेव मंदिर स्थित है |
      • इस किले  में  मीराबाई  के गुरु रैदास की छत्ररी स्थित है | cm वसुंधरा राजे ने यहां पर " रैदास का पेनोरमा " बनाने की घोषणा की |
      • इस किले में भैरवपोल पर कल्ला राठौड़ की छत्ररी स्थित है |
      • इस किले में मीरा महोत्सव का आयोजन किया जाता है |
      • इस किले में हरामखोर बावड़ी स्थित है |

      चित्तौड़गढ़ दुर्ग का इतिहास - Chittorgarh Fort History in Hindi
      चित्तौड़गढ़ दुर्ग का इतिहास - Chittorgarh Fort History in Hindi




      विजय स्तम्भ|कीर्ति स्तम्भ | Victory_tower | Vijay stambh


      विजय स्तम्भ चित्तौड़ के किले का एक प्रमुख आकर्षण है। 

      मालवा के सुल्तान मुहम्मद खिलजी पर विजया के उपलक्ष्य में महाराणा कुम्भा ने अपने उपास्य देव विष्णु के निमित्त इस स्मारक का निर्माण करवाया था।

      विद्वानों ने कीर्ति स्तम्भःको 'लोकजीवन का रंगमंच' कहा है। यह 120 ऊँचा 9 मंजिला भवन है जिसमें 157 सीढ़ियाँ है।

      कीर्तिस्तम्भ में पौराणिक हिन्दू देवी-देवताओं का विशद चित्रण होने से विद्वानों ने हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियों म्यूजियम' कहा है।

      राजस्थान पुलिस का प्रतीक चिन्ह भी है।

      विजय स्तम्भ|कीर्ति स्तम्भ | Victory_tower | Vijay stambh
      विजय स्तम्भ|कीर्ति स्तम्भ | Victory_tower | Vijay stambh


      जैन कीर्ति स्तम्भ | Jain kirti stambh


      चित्तौड़गढ़ दुर्ग में जैन कीर्ति स्तम्भ है, यह आदिनाथ का स्मारक बताया जाता है |

      अनुमानतः इसका निर्माण बघेरवाल जैन जीजा द्वारा 11वीं या 12वीं शताब्दी में करवाया गया। 

      यह 75 फुट ऊंचा और 7 मंजिला है।

      जैन कीर्ति स्तम्भ | Jain kirti stambh
      जैन कीर्ति स्तम्भ | Jain kirti stambh




      कुंभलगढ़ किले का इतिहास - Kumbhalgarh Fort History in Hindi

      कुंभलगढ़ कहां है- राजसमंद(राजस्थान ) जिले/डिस्ट्रिक्ट में है |
      उदयपुर से कुंभलगढ़ 84 किलोमीटर है| 
      Kumbhalgarh निर्माण महाराणा कुम्भा ने करवाया था |
      कुंभलगढ़ दुर्ग का वास्तुकार शिल्पी मंडन था |
      Kumbhalgarh किले को कुंभल मेरु , कुंभल मेरन , महेंद्र व माहौर आदि नामों से जाना जाता है |
      इस किले की दीवार की लम्बाई 36 km तथा चौड़ाई 12 से 25 फिट है इसे राजस्थान की चीन की दीवार कहते है |
      इसके बारे में कहा जाता है कि इस पर चार घुड़सवार एक साथ चल सकते है तथा दो बैल गाड़ियां एक दूसरे को पार कर सकती है |
      Kumbhalgarh किले का सबसे ऊपरी भाग कटारगढ़ कहलाता है | जो महाराणा कुम्भा का निवास स्थल था | इसी स्थान पर उसके पुत्र उदा ने उसकी हत्या की थी |
      महाराणा उदयसिंह का राजभिषेक Kumbhalgarh किले में हुआ |
      1540 ई में महाराणा प्रताप का जन्म Kumbhalgarh किले में हुआ |
      Kumbhalgarh किले में झाली रानी का महल ,मामादेव की बावड़ी , कुंवर पृथ्वीराज की छत्ररी स्थित है |


      कुंभलगढ़ किले का इतिहास - Kumbhalgarh Fort History in Hindi
      कुंभलगढ़ किले का इतिहास - Kumbhalgarh Fort History in Hindi

      आमेर का किला दुर्ग का इतिहास - Amber Fort jaipur History in Hindi

      • आमेर का किला दुर्ग जयपुर jaipur राजस्थान जिले/डिस्ट्रिक्ट में है | 
      • आमेर का किला प्रारम्भिक निर्माण राजा भारमल ने करवाया जबकि इसका वर्तमान स्वरूप राजा मानसिंह द्वारा दिया गया | 
      • आमेर के किले में विश्व का सबसे प्रसिध्द दरवाजा गणेश पोल स्थित है जिसका निर्माण मिर्जा राजा जयसिंह ने करवाया था | 
      • आमेर के किले में शीश महल स्थित है जिसे कवि बिहारी ने " दर्पण - ए - धाम " कहा है इसे " जय मंदिर " भी कहते है | 
      • एल्डस हेक्सरे ने शीश महल के बारे में कहा है यह इटली के सिसली द्दीप के बघोरिया से भी सुन्दर है | 
      • आमेर के किले में राजस्थान की सबसे बड़ी भूल - भुलैया स्थित है | 
      • आमेर के किले में शीला देवी का मंदिर व जगत शिरोमणी का मंदिर स्थित है | 
      • आमेर का किला बिल क्लिंटन के अवलोकन के कारण भी चर्चित रहा | 



      आमेर का किला दुर्ग का इतिहास - Amer Fort History in Hindi
      आमेर का किला दुर्ग का इतिहास - Amer Fort History in Hindi


      रणथंभौर ( दुर्गाधिराज ) किले का इतिहास - Ranthambore Fort History in Hindi


      • रणथंभौर का किला दुर्ग सवाईमाधोपुर  राजस्थान जिले/डिस्ट्रिक्ट में है | 
      • रणथंभौर का 8 वी शताब्दी में इसका निर्माण जगत या जयंनत चौहान व रणधीर नामक दो राजकुमारों के द्वारा करवाया गया |
      • रणथंभौर का किला एक एरन दुर्ग है |
      • रणथंबोर दुर्ग के उपनाम - दुर्गाधिराज , दुर्गाधिरन , बख्तरबंद 
      • रणथंभौर का किले को  नीचे से देखने पर कुछ भी दिखाई नहीं देता तथा ऊपर से देखने पर सब कुछ दिखाई देता है |
      • रणथंभौर के किले में 1301 ई में रणथम्भोर का युध्द हुआ था उस समय शासक हम्मीर चौहान थे | जो अपने हट के लिये प्रसिध्द है उनकी पत्नी रंगदेवी ने जल जौहर  किया था |
      • रणथंभौर का किले में हम्मीर महल व सुपारी महल स्थित है |
      • रणथंभौर का किले में राजस्थान का सबसे प्रसिध्द त्रिनेत्र गणेश मंदिर स्थित है |

      रणथंभौर ( दुर्गाधिराज ) किले का इतिहास - Ranthambore Fort History in Hindi
      रणथंभौर ( दुर्गाधिराज ) किले का इतिहास - Ranthambore Fort History in Hindi

      सोनारगढ़ के किला का इतिहास - Sonargarh Jaisalmer  Fort History in Hindi 


      • सोनारगढ़ का किला दुर्ग जैसलमेर jaisalmer राजस्थान जिले/डिस्ट्रिक्ट में है | 
      • सोनारगढ़ का किला का 1155 ई में निर्माण भाटी शासक राव जैसल के द्वारा करवाया गया | 
      • यह पीले पत्थरो से निर्मित एक धान्वन दुर्ग है | 
      • सोनारगढ़ का किला को जैसाणगढ़ व त्रिकूटगढ़ भी कहते है | 
      • इस किले में जैसलू कुआं स्थित है | जिसका निर्माण भगवान श्रीकृष्ण अपने सुदर्शन चक्र के द्वारा किया था | 
      • सोनारगढ़ का किले में हस्त लिखित ग्रंथो का जिनभद्र सूरी भण्डार स्थित है | 
      • सोनारगढ़ का किले में बादल महल स्थित है जो दूर से देखने पर एक छोटे किले जैसा लगता है | 
      • इस किले में हरराज महल स्थित है जिसे विश्व धरोहर के लिये किले नामित किया जा चूका हैं | 
      • इस किले में जवाहर महल भी स्थित है |


      सोनारगढ़ के किला का इतिहास - Sonargarh Jaisalmer  Fort History in Hindi
      सोनारगढ़ के किला का इतिहास - Sonargarh Jaisalmer  Fort History in Hindi

      गागरोन किले का इतिहास - Gagaron Fort History in Hindi


      गागरोन / Gagaron  का किला दुर्ग झालावाड़ Jhalawar राजस्थान जिले/डिस्ट्रिक्ट में है | 
      इसका प्राचीन नाम डोडगढ़ था क्योकि इसका प्रारम्भिक निर्माण डोड परमार शासको ने करवाया था बाद में इसका नाम बदलकर धोलारगढ़ व गर्गराटपुर रखा गया | 
      खींची वंश के शासक देवनसिंह ने इसका वर्तमान स्वरूप दिया व नाम बदलकर गागरोन रखा | 
      इस किले के परकोटे को " जालिमकोट " कहते है | 
      Gagaron  किले में संत पीपा / प्रतापसिंह का जन्म हुआ था जो दर्जी समुदाय के आराध्य देव है | 
      Gagaron  किले पर महमूद खिलजी --1 ने आक्रमण कर एक छोटे किले का निर्माण करवाया था उसका नाम " महमूदाबाद " रखा | 
      Gagaron  किले में ओरंगजेब द्वारा निर्मित बुलन्द दरवाजा स्थित है | 
      इस किले के सबसे पीछे के भाग को गिद्धकराई के नाम से जाना जाता है | जहाँ कैदियों को मृत्युदण्ड दिया जाता था | 
      गागरोन की दरगाह /  मीठेशाह की दरगाह :--- गागरोन /Gagaron दुर्ग ( झालावाड़ )
      इस किले में गागरोनी तोता या हीरामन जाति का तोता पाया जाता है जो मानव की तरह बोलता है | इसे टुईया तोता व हिन्दुओ का आकाश लोचन भी कहते है | 
      गागरोन किले का इतिहास - Gagaron Fort History in Hindi
      गागरोन किले का इतिहास - Gagaron Fort History in Hindi


      अकबर का किला-मैगजीन का किला का इतिहास - Akbar-Magazine Ajmer Fort History in Hindi


      1570 ई में इस किले का निर्माण अकबर के द्वारा  करवाया गया | 
      इसे अकबर का किला व अकबर का दौलतखाना भी कहते है | 
      हल्दी घाटी युध्द की व्यूहरचना इस किले में तैयार की गयी थी | 
      जहांगीर ने अपना दरबार इस किले में लगाया था व न्याय की जंजीर लगवाई थी | 
      1616 ई में जेम्स प्रथम का राजदूत सर टॉमस रॉ जहांगीर से इस किले में आकर मिला था | 
      वर्तमान में " राजपुताना संग्रहालय " इस किले में स्थित है | 

      अकबर का किला-मैगजीन का किला का इतिहास - Akbar-Magazine Ajmer Fort History in Hindi
      अकबर का किला-मैगजीन का किला का इतिहास - Akbar-Magazine Ajmer Fort History in Hindi




      मेहरानगढ़ किला का इतिहास - mehrangarh jodhpur Fort History in Hindi 


      1459 ई में इस किले का निर्माण राव जोधा के द्वारा करवाया गया |
      ऐसी मान्यता है की इस किले की नींव करणीमाता ने रखी थी |
      इस किले की नींव में राजिया नामक व्यक्ति की बलि दी गयी थी |
      इस किले में " चौखेलाव महल " स्थित है | जो ब्रिटेन के प्रिंस चाल्सॅ व उनकी पत्नी कैमिला पार्कर के अवलोकन के कारण चर्चित रह चूका है |
      इस किले में " फूलमहल " व " चामुण्डा माता का मंदिर " भी स्थित है |

      मेहरानगढ़ किला का इतिहास - mehrangarh jodhpur Fort History in Hindi
      मेहरानगढ़ किला का इतिहास - mehrangarh jodhpur Fort History in Hindi 

      भटनेर किला का इतिहास - Bhatner Hanumangarh Fort History in Hindi 


      इसका निर्माण 3 शताब्दी में भाटी राजा भूपत के द्वारा करवाया गया | 
      यह घग्घर नदी के किनारे स्थित एक धान्वत दुर्ग है | 
      तैमूर लंग ने अपनी आत्मकथा तुजुक - ए - तैमूर में लिखा है की -" मैने पुरे भारत वर्ष में इतना मजबूत और सुरक्षित किला कही और नहीं देखा | 
      भटनेर किला का इतिहास - Bhatner Hanumangarh Fort History in Hindi
      भटनेर किला का इतिहास - Bhatner Hanumangarh Fort History in Hindi 


      नाहरगढ़ किला का इतिहास - Nahargarh Jaipur Fort History in Hindi

      • इसका प्रारम्भिक निर्माण सवाई जयसिंह - २ के द्वारा करवाया गया | 
      • जबकि वर्तमान स्वरूप रामसिंह - २ के द्वारा दिया गया 
      • नाहरसिंह भौमिया के नाम पर इसका नाम नाहरगढ़ रखा गया | 
      • इसे रणथम्भोर दुर्ग का छोटा भाई भी कहते है | 
      • इसे जयपुर शहर की ओर झांकता हुआ किला भी कहते है | 
      • इसे जयपुर का मुकूट भी कहते है | 
      नाहरगढ़ किला का इतिहास - Nahargarh Jaipur Fort History in Hindi
      नाहरगढ़ किला का इतिहास - Nahargarh Jaipur Fort History in Hindi


      जयगढ़ जयपुर किला का इतिहास - Jaigarh Jaipur Fort History in Hindi


      पोथीखाने के अनुसार इसका वर्तमान स्वरूप सवाई जयसिंह -२ द्वारा दिया गया | 
      इस दुर्ग में तोप ढालने का कारखाना था | 
      इस दुर्ग में एक अन्तः दुर्ग स्थित है जिसे विजयगढ़ी कहते है | 
      जयगढ़ जयपुर किला का इतिहास - Jaigarh Jaipur Fort History in Hindi
      जयगढ़ जयपुर किला का इतिहास - Jaigarh Jaipur Fort History in Hindi


      तारागढ़ अजमेर किला का इतिहास - Taragarh Ajmer Fort History in Hindi 


      • 1113 ई में इस किले का निर्माण अजराज चौहान के द्वारा करवाया गया | 
      • इसे पहले गढ़ बीठली के नाम से जाना जाता था लेकिन मेवाड़ पृथ्वीराज ने अपनी पत्नी ताराबाई के नाम इसका नाम बदलकर तारागढ़ रखा | 
      • इस किले में रूठी रानी का महल स्थित है | 
      तारागढ़ अजमेर किला का इतिहास - Taragarh Ajmer Fort History in Hindi
      तारागढ़ अजमेर किला का इतिहास - Taragarh Ajmer Fort History in Hindi 



      लोहागढ़ भरतपुर किला का इतिहास - Lohagarh Bharatpur Fort History in Hindi 


      • 1733 ई में इस किले का निर्माण महाराजा सूरजमल ( जाटो के अफलातून ) के द्वारा करवाया गया | 
      • यह एक अजय दुर्ग है | 
      • इसे अंग्रेज अधिकारी लार्ड लेक भी नहीं जीत सका | 
      • यह एक पारिख दुर्ग है जिसके चारो ओर गहरी -गहरी खाईयाँ है जिसमे मोती झील व सुजान गंगा नहर से पानी भरा जाता था | 
      • इस किले में जवाहर भुज व फतेह भुज विशेष आकर्षण का केंद्र है | 
      • इस किले में अष्ट धातु का एक दरवाजा स्थित है जिसे महाराजा जवाहरसिंह दिल्ली के लाल किले से उखाड़कर लाये थे | 
      लोहागढ़ भरतपुर किला का इतिहास - Lohagarh Bharatpur Fort History in Hindi
      लोहागढ़ भरतपुर किला का इतिहास - Lohagarh Bharatpur Fort History in Hindi


      कोटा किला का इतिहास - Kota Fort History in Hindi

      इसका निर्माण जैत्रसिंह ने कोटिया भील पर विजय प्रतीक के रूप में करवाया था | 
      इसे किले के परकोटे के बारे में कर्नल जेम्स टॉड ने कहा है कि अगर आगरा के किले के परकोटे को छोड़ दिया जाये तो भारत के किसी भी किले का परकोटा कोटा किले के परकोटे जितना बड़ा नहीं है | 
      इस किले में झाला हवेली स्थित  है | जो अपने भित्ती  चित्रण के लिये प्रसिध्द है | 
      कोटा किला का इतिहास - Kota Fort History in Hindi
      कोटा किला का इतिहास - Kota Fort History in Hindi


      सज्जनगढ़ उदयपुर किला का इतिहास - Sajjangarh Udaipur Fort History in Hindi

      इसका निर्माण महाराणा सज्जनसिंह ने करवाया था |
      इसे उदयपुर का मुकूट मणि भी कहते है |

      सज्जनगढ़ उदयपुर किला का इतिहास - Sajjangarh Udaipur Fort History in Hindi
      सज्जनगढ़ उदयपुर किला का इतिहास - Sajjangarh Udaipur Fort History in Hindi


      जूनागढ़/बीकानेर का किला का इतिहास - Fort of Junagadh/Bikaner History in Hindi


      इसका निर्माण 1588 - 94 ई में महाराजा रायसिंह के द्वारा करवाया गया |
      यह एक धान्वन दुर्ग है |
      जिसे जमीन का जेवर भी कहते है |
      यह हिन्दू , मुगल एवम यूरोपीय स्थापत्य कला का मिश्रण है |

      लाल पत्थरों से बने इस भव्य किले का निर्माण बीकानेर के प्रतापी शासक रायसिंह ने करवाया था। वस्तुतः बीकानेर के पुराने गढ़ की नींव तो बीकानेर के यशस्वी संस्थापक राव बीकाजी ने 14 में रखी थी।

      बीकानेर के के सूरजपोल पर उत्कीर्ण दुर्ग निर्माता महाराजा रायसिंह की प्रशस्ति के अनुसार इस किले की नींव 1588 ई. में रखी गयी, सन् 1594 में बनकर तैयार हुआ।

      जूनागढ़ दुर्ग चतुष्कोण या चतुर्भुजाकृति का है। इसके दरवाजे के दोनों तरफ 1567 ई. के चित्तौड़ के साके में वीरगति पाने वाले जयमल व पत्ता की गजारूढ़ मूर्तियाँ स्थापित हैं। 
      जूनागढ़ के निर्माण में हिन्दू और मुस्लिम कला शैलियों का सुन्दर समन्वय हुआ है।
      इस दुर्ग में एक भी शाका नहीं हुआ।


      जूनागढ़/बीकानेर का किला का इतिहास - Fort of Junagadh/Bikaner History in Hindi
      जूनागढ़/बीकानेर का किला का इतिहास - Fort of Junagadh/Bikaner History in Hindi

      बाला किला :--- अलवर
      इस किले में बाबर ने एक रात गुजारी थी |
      सलीम सागर व सूरजकुंड जल तड़ाग अवस्थित हैं –
      — बाला किला, अलवर में
      • हसन खां मेवाती ने 1550 ई. में बनवाया था।
      • आंख वाला किला (प्राचीर में गोले लगने से बने छेदों के कारण)
      • बाला यानि कुंवारा किला भी कहते हैं
      • यहां मुगल बादशाह बाबर भी एक रात के लिए ठहरा था ।
      • शेरशाह के सेनापति हकीम हाजी खां ने बाला किले में सलीम सागर बनवाया।

      राजस्थान के प्रमुख किले व दुर्ग - Rajasthan ke Prmukh Kile Durg Fort in Hindi

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      राजस्थान के प्रमुख किले व दुर्ग - Rajasthan ke Prmukh Kile Durg Fort in Hindi
      राजस्थान के प्रमुख किले व दुर्ग - Rajasthan ke Prmukh Kile Durg Fort in Hindi


      राजस्थान के किले की सूची 

      1. डीग का किला ( डीग , भरतपुर ) :--- इसका  निर्माण महाराजा बदनसिंह ने करवाया था |
      2. तोहन दुर्ग :--- कांकरोली ( राजसमंद )
      3. अचलगढ़ का किला :--- माउन्ट आबू ( सिरोही )
      4. असीरगढ़ का किला :--- टोंक
      5. चोर्बुजा / पचेवर का किला :--- टोंक
      6. काकोड का किला :--- टोंक
      7. माण्डलगढ़ का किला :---भीलवाड़ा
      8. टॉडगढ़ का किला :--- अजमेर
      9. लक्ष्मणगढ़ का किला :--- सीकर
      10. सोजत दुर्ग :--- पाली
      11. उंटाला का किला :--- वल्ल्भगढ़ (उदयपुर ) व  वैर ( भरतपुर )
      12. ऊंटगिरी का किला :--- करौली
      13. यह मूर्ति तस्ककर वामन नारायण घीया के कारण चर्चित रह चूका है | इसे तिमनगढ़ का किला भी कहते है |
      14. तवनगढ़ / त्रिभुवनगढ़ का किला :--- बयाना ( भरतपुर )
      15. छोटी मजी साहिबा का किला :--- प्रतापगढ़
      16. राजा का किला :--- नावा ( नागौर )
      17. नाथों का दुर्ग :--- कोट कास्ता ( जालौर )
      18. मनोहर थाना का किला :--- झालावाड़
      19. कांकन बाड़ी का किला :--- सरिस्का अभ्यारण ( अलवर )
      • इस किले में औरंगजेब ने अपने भाई " दारा शिकोह " को बंदी बनाकर रखा था |

      राजस्थान के दुर्ग व किले के महत्वपूर्ण प्रशन - Rajasthan ke durg Questions in Hindi  :---

      • जलालुद्दीन खिलजी ने रणथम्भोर दुर्ग के बारे में कहा है कि "में ऐसे दुर्ग को मुसलमान के एक बाल के बराबर भी नहीं समझता है।"
      • रुडयार्ड किपलिंग ने मेहरान दुर्ग जोधपुर के बारे में कहा है कि "इस किले का निर्माण देवताओ, परियो या भूत  -प्रेतों ने करवाया होगा |"
      • अबुल फजल ने रणथम्भोर दुर्ग के बारे में कहा है कि "अन्य सभी दुर्ग नंगे है यह बखतरबंद है।"
      • अबुल फजल ने कटार गढ़ (कुम्भलगढ़ दुर्ग) के बारे में खा है कि "जब में यह निच से ऊपर की ओर देखता है तो मेरे सिर की पगड़ी नीचे गिरती है।"
      • जैकलीन कैनेडी ने मेहरानगढ़ दुर्ग को "विश्व का आठवां आश्रय" पता है
      • बिल गेट्स ने मेहरानगढ़ दुर्ग पर खड़े होकर जोधपुर को ब्लू सिटी नाम दिया है
      • सोनार गढ़ (जैसलमेर) के बारे में कहा जाता है यह दूर से देखने पर ऐसा लगता है मानो रेत के विशाल समुद्रतट में कोई जहाज लंगर डाले हुये खड़ा है |
      • राजस्थान का एक मात्र दुर्ग जो बिना किसी नींव के एक कठोर चट्टान पर एकदम सीधा खड़ा हुआ है "गागरोन दुर्ग (मनवाड़)" यह एक जल दुर्ग और आहु और कालीसिंध नदी के साथ पर स्थान पर बना हुआ है।
      • इंदिरा गांधी द्वारा खुदाई के लिए चर्चित रहा -- जयगढ़ दुर्ग ( जयपुर ) इसे अकूट सम्पदा होने के कारण " चिल्ह का टोला " कहते है | 
      • अंग्रेजो ने पांच बार आक्रमण किया लेकिन वह जीत ना सके :--- लोहागढ़ ( भरतपुर )
      • सत्यजीत रॉय ने जो कि ऑक्सर पुरस्कार विजता है ने सोनार किला नामक फिल्म बनाई                                             :-- सोनारगढ़ ( जैसलमेर ) 
      • पूर्णतय मुस्लिम पध्दति में बना हुआ किला :--- मैगनीज ( अजमेर ) 
      • सवार्धिक भुजो वाला किला :--- सोनार गढ़ ( जैसलमेर ) --- 99 भुज 
      • मत्स्य संघ की पहली बैठक :--- लोहागढ़ ( भरतपुर ) 
      • अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस प्राप्त करने वाला किला :--- नागौर का किला " इसे नाग दुर्ग , नगाना दुर्ग व अहिछत्रगढ़ दुर्ग भी कहते है | " 
      • बिट्रेन के प्रिंस चार्ल्स ने सन 2004 में इस किले का अवलोकन किया व इसे साफ सुथरा पाया इनके कहने पर यूनेस्को ने इसे यह पुरस्कार दिया | 
      • राजस्थान का सबसे बड़ा लिविंग फॉर्ड ( रिहायसी किला ) :--- चित्तोड़गढ़ दुर्ग 
      •  दूसरा सबसे बड़ा लिविंग फॉर्ट :--- सोनार गढ़  ( जैसलमेर ) 
      • सर्वाधिक आक्रमण वाला किला :--- भटनेर  ( हनुमानगढ़ ) 
      • देशी आक्रमण वाला किला :--- तारागढ़ ( अजमेर ) 
      •  विदेशी आक्रमण वाला किला :--- भटनेर ( हनुमानगढ़ )
      • मयूर जैसी आकृति :--- मेहरानगढ़  ( जोधपुर ) 
      • व्हेल मछली जैसी आकृति :--- चित्तोड़गढ़ दुर्ग 
      • सुप ( छाजले ) जैसी आकृति :--- दौसा का किला 
      • चतुभुर्ज आकृति वाला किला :--- जूनागढ़ ( बीकानेर ) 
      • राजस्थान की उत्तरी सीमा का प्रहरी :--- भटनेर ( हनुमानगढ़ ) 
      •  दक्षिणी सीमा का प्रहरी :--- चित्तोड़गढ़ दुर्ग 
      •  पश्चिमी सीमा का प्रहरी :--- सोनारगढ़ ( जैसलमेर ) 
      •  पूर्वी सीमा का प्रहरी :---
      1. A  शेरगढ़ ( धौलपुर )
      2. B   लोहागढ़ ( भरतपुर ) 
      • उत्तरी भड़ किवाड़ :--- सोनारगढ़ ( जैसलमेर ) 

      Rajasthan ke durg se sambandhit question answer mcq quiz in hindi 


      • कोशवध्र्दन का किला :--- शेरगढ़ ( बारा ) 
      • सुदर्शन गढ़ :--- नाहरगढ़ ( जयपुर ) 
      • बादशाह दुर्ग :--- बयाना ( भरतपुर )
      • रघुनाथगढ़ :--- चौमू का किला ( जयपुर ) 
                                 इसे चौमुहागढ़  व धराधारगढ़ भी कहते है 

      • सुवर्ण गिरी :--- जालौर का किला 
      • स्वर्ण गिरी :--- सोनारगढ़ ( जैसलमेर ) 
      • मिट्री का बना किला :--- लोहागढ़ | lohagarh fort  ( भरतपुर ) 
      • राजस्थान का जिबार्ल्टर :--- तारागढ़ ( अजमेर ) बिशप हैबर ने कहा 
      • राजस्थान का एस्ट्रास्कन  :--- कुम्भलगढ़ ( राजसमंद ) कर्नल जेम्स टॉड ने कहा है | 
      • राजस्थान का वेल्लोर :--- भेसरोड़गढ़ ( चित्तोड़गढ़ ) इसका निर्माण भेसाशाह व रोड़ा चारण नामक बंजारे ने करवाया था | यह एक जल दुर्ग है ( चंबल +बामणी नदी के संगम पर ) 
      • सभी किलो का सिर मोर :--- चित्तोड़गढ़ दुर्ग 
      • दुर्गाधिराज  :--- रणथम्भोर दुर्ग 
      • मारवाड़ व मेवाड़ की सीमा का प्रहरी :--- कुम्भलगढ़ दुर्ग ( राजसमंद )
      • मेवाड़ की आँख :--- कटारगढ़ ( कुम्भलगढ़ दुर्ग ) 
      • चांदी के गोले दागने वाला किला :---- चूरू का किला ( शासक शिवसिंह ) इस किले को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित किया गया है | 

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